Navigation


RSS : Articles / Comments


पा में अमिताभ

6:49 PM, Posted by आमीन, One Comment

पा फिल्म का बहुत लोगों को इंतजार है। लोग देखना चाहते हैं कि अमिताभ ने आखिर किस तरह की भूमिका निभाई है। अगर अमिताभ ने कुछ किया है तो वह जरूर कुछ खास ही होगा। यहां मैं कुछ इमेज डाल रहा हूं। इससे कुछ अंदाजा लगाया जा सकता है कि पा कैसी फिल्म होगी। बीमारी की थीम पर अब तक आमिर खान ही फिल्में बना रहे थे, जैसे कि गजनी और सितारे जमीं पर। दोनों की सुपरहिट रहीं। अब पा के लिए भी दुआएं...




नज़र की बात है

7:38 PM, Posted by आमीन, One Comment



कोई मुश्किल नहीं होता काम
बस नज़र की बात है दोस्त
कोई जमीं से भी नही उठता 
जो उठता है वो आसमां छू जाता है..

फ़िर भी हर क़तरा दुहाई देगा

5:38 PM, Posted by आमीन, 9 Comments

जा कहीं से खंज़र 

कोई औज़ार ले

और छलनी कर दे

इस ह्रदय को

फ़िर भी हर क़तरा

मेरे प्रेम की दुहाई देगा।

लहू का हर क़तरा

तेरा ही नाम लिखेगा...  


मेरे सीनियर और अजीज मित्र नागार्जुन के ब्लॉग से आप तक..

http://khaamoshee.blogspot.com/  

हम से कोई प्यार नही करता

5:48 PM, Posted by संजय भास्कर, 7 Comments



हम से कोई प्यार नही करता ,
हमारा कोई इंतज़ार नही करता ,
शायद हम फूलो के साथ लगे वो कांटे है ,
जिन पर कोई कभी ऐतबार नही करता
ज़माने को देख कर दिल भर जाता है ,
पर हम क्या करे ,
ज़माना हमारी परवाह नही करता



From
Sanjay

यादों की जीरोक्स

6:26 PM, Posted by आमीन, 11 Comments















 


यारों संग बैठ के
उस चाय के खोखे पे
हाथ में कप और होठों पर चुगलियां
कौन-सी लड़की कौन-सा लड़का
कब, कैसे, क्या, कहां????
बैठना लाइब्रेरी के बाहर
गप्प हांकना
किस टीचर ने क्या कहा
क्या कराया, क्या नहीं पढ़ाया
कहां से जुगाड़ करें नोट्स
सीनियर्स को मस्का लगाना
नोट्स पाना
फोटोकॉपी किस दुकान की साफ है
कहां से सस्ती होगी जीरोक्स
पिछले प्रश्नपत्रों को खंगालना
नयों का अंदाजा लगाना
सब कुछ करना
मगर पढ़ाई.....
पास फिर भी हो जाना
नंबरों की किसे परवाह थी
प्राइवेट फील्ड में डिग्री किसे पूछनी थी???
जूनियर्स को बताना कि डोंट वरी
एक रात की पढ़ाई है काफी
आ जाना हॉस्टल में, या मिलना कल
क्या-क्या आएगा, सब समझा देंगे
कोई करता राजनीति
तो कोई नासमझ उलझता उसमें
एेसा भी होता है क्या पता था
किसी की खिंचाई
किसी की धुलाई
उठ के चल दिए, जब 'उसकीÓ कॉल आई
इंटर्नशिप तो कभी नौकरी की टेंशन
कोर्स के बाद दूर होती छोकरी की टेंशन
बाकी बातें छोड़ो, नॉट मेंशन
खैर,
जो भी था, अच्छा था
मजा आता था
यारों संग बैठ के
उस चाय के खोखे पे

निहायत खूबसूरत

6:22 PM, Posted by आमीन, 6 Comments



यह है एक निहायत खूबसूरत........। आप क्या समझे, लड़की? आप ठीक ही समझे। मैं भी यही समझा था। दरअसल मेरे पास एक मेल आई। जिसमें लिखा था कि वट ए कार। मैंने जैसे ही मेल खोली तो मुंह से निकला वट ए गर्ल। मुझे इस कार से ज्यादा खूबसूरत यह लड़की लगी। शायद आपको भी। मैं इसे ब्लॉग पर इसलिए डाल रहा हूं कि आप भी इन मोहतरमा को देख सकें। मैं इनका नाम नहीं जानता, लेकिन इतना जानता हूं कि निस्सान की एक खूबसूरत कार की खूबसूरती को चार चांद लगा रही एक मॉडल है। अब आप बताएं कि आपको क्या लगा। वट ए कार या फिर वट ए गर्ल???

सचिन महान, भगवान हैं

5:34 PM, Posted by आमीन, 6 Comments




कई लोग कहते हैं कि सचिन में अब पहले जैसा दम नहीं है। अगर उन्होंने हैदराबाद का ऑस्ट्रेलिया के साथ वनडे मैच देखा होगा, तो शायद वे दोबारा कभी एेसी बात नहीं कहेंगे। उनकी तुलना किसी भी खिलाड़ी से नहीं करनी चाहिए। वे वाकई महान हैं और क्रिकेट के भगवान हैं। हैदराबाद वनडे में जब तक सचिन मैदान पर थे तो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अपने हथियार डाल चुके थे। सबकी बॉडी लेंग्वेज यही बता रही थी कि वे हार चुके हैं। लेकिन अन्य भारतीय खिलाडिय़ों ने लापरवाही से खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया को मैच थमा दिया। सचिन को एक बार दुख तो जरूर हुआ होगा।
एक बात और, रिकी पोंटिंग ने तो यहां तक कह दिया कि उन्होंने अपने करियर में इससे अच्छी पारी नहीं देखी। और उनकी बात सही भी है। 17 हजार रन बनाने का कारनामा भी सचिन ही कर सकते थे। एक बात जो पहले भी सत्य थी और अब भी सत्य है कि सचिन महान हैं, क्रिकेट के भगवान हैं। जब तक क्रिकेट का नाम रहेगा, सचिन का भी नाम रहेगा। 

एक दिन ही की तो बात थी

7:13 PM, Posted by आमीन, 5 Comments


मैं उनसे कुछ कह न सका
एक दिल की ही तो बात थी

चंद पल बिता न सके वो मेरे संग
एक दिन ही की तो बात थी


दुख तो आज हो रहा है यारो
जो वो जनाजे में भी न आए
आखिर एक दिन ही तो बात थी

ये लाइफ

5:42 PM, Posted by X-Cuse Me Plzz, 3 Comments

ये लाइफ  है  ना  लाइफ
पता  नहीं  क्या  है
कभी  ये  इतना  कुछ  देती  है
की  समेटने में  नहीं  आता
तो  कभी
ये  इतना  कुछ  ले  लेती  है
की फिर हमारे पास कुछ नहीं छोड़ती.
लाइफ में कभी कभी इतने  इफ हो जाते
हैं की दिल कर जाता है उफ.

ये सब बातें ऐसी लगती हैं
की
सब कहने की हैं
पर कहीं ना कहीं
क्या ये सच नहीं हैं
की ये लाइफ हम से ऐसे ऐसे
कृत्य करवाती है की हम भी
एक बार सोचते हैं
की क्या सच में ऐसा
हमने ही किया है .

कहीं ना कहीं
सच  कहूँ
तो मैं अभी नहीं जानता
की क्या लिख रहा हूँ
जब ध्यान आएगा तो जरुर सोचूंगा
की मैंने ये क्यूँ लिखा .

मेरे दोस्त सुमित मालिक के ब्लॉग से ये कुछ पंक्तियाँ....

गुरु पर्व की शुभ कामनाये

2:33 PM, Posted by संजय भास्कर, One Comment



गुरु पर्व के शुभ अवसर


पर सभी ब्लॉग उपयोगकर्ताओ को हार्दिक शुभ कामनाये




FROM
SANJAY BHASKAR
TATA INDICOM
HARYANA