Navigation


RSS : Articles / Comments


नयना नहीं बदरा बरसाऒ

5:28 PM, Posted by आमीन, 3 Comments

हमारे देसी लोगों को इंतजार है पूरवईया तो अंग्रेजी के जानकार मानसून को तरस रहे हैं। कुल मिलाकर हर किसी को बरसात चाहिए। अगर मानसून जल्दी नहीं माना तो सब सून हो जाएगा। केंद्र सरकार को भी इसकी टेंशन हो गई है। मुझे तो लगता है इंद्र देवता जी खुश नहीं है। जरूर किसी न किसी ने उनका दिल तोड़ा होगा। हो सकता है कोई अपसरा धरती पर आ गई हो और उसका मन इंद्र जी के पास लौटने को न कर रहा हो। अगर उस अप्सरा ने किसी से लव मैरिज कर ली तो समझो खैर नहीं। देवताऒं को संगीत काफी पसंद है। इन दिनों ज्यादातर गायक नयना बरसा रहे हैं। उन्हें बदरा बरसाने वाले गीत गाने चाहिए ताकि इंद्र देव समस्याऒं से रूबरू हो सकें। प्लीज नयना न बरसाऒ बदरा बरसाऒ। जैसा लगान में आमिर खान ने करने की कोशिश की। हो सकता है इंद्र जी मेहरबान हो जाएं।

3 Comments

anupam mishra @ June 25, 2009 7:41 PM

लगान की बरसात तो फर्जी थी....हमें सच में जल की जरूरत है....लेकिन आज भी सुबह सुबह उठकर देखता हूं....तो सरकारी योजनाओं से पानी चूता दिखाई पड़ता है...इस बार इंद्र देवता ऐसे ही नहीं मानेंगे शायद...

Udan Tashtari @ June 25, 2009 10:19 PM

शुभकामनाऐं ही दे सकते हैं.

संजय भास्कर @ October 22, 2009 6:10 PM

SUNDER HAI