अब इनको भी समाज में स्वीकृति चाहिए
समाज को गन्दा करने की स्वीकृति
रिश्तों को कलंकित करने की स्वीकृति
प्रकृति की जड़ें हिलाने की स्वीकृति
मां की ममता को मारने की स्वीकृति
पिता के प्यार को पीसने की स्वीकृति
सबके सामने घृणित अपराध की स्वीकृति
भला कैसे दे देंगे इस कृत्य की स्वीकृति
हम और आप
हमारा सविंधान
हमारी सरकार
जरा सोच मेरी सरकार
मत बुलावा दे पतन को
जरा बसने दे पवित्र संसार...
आमीन
WAH BAHI WAH
YE BHI JARORI HAI