जनरल साहब, जनता की चिंता भी कर लिया करो
4:56 PM, Posted by bishnoi, No Comment
जनरल साहब को आजकल एक ही चिंता खाए जा रही है। बेचारे इसी चिंता में दुबले होते जा रहे हैं की केंद्र सरकार के अफसर उनकी सुनते नहीं। वैसे चंडीगढ के बाशिंदों का भी कहना है की अफसर उनकी समस्याएं नहीं सुनते। परंतु इसकी चिंता जनरल साहब को नहीं है। चंडीगढ में कई दिनों तक लोग बिजली के लिए तरसे, प्यासे रहे पर जनरल साहब के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। वैसे भी जनता को सुनने का रिवाज हमारे देश में नहीं है। साहब ने भी इसी परंपरा का अनुसरण किया। स्वहित सर्वोपरि के सिद़धांत का पालन करते हुए जनरल साहब ने अब केंद्र सरकार में अपनी सुनवाई नहीं होने पर दो मिनिस्टरों को पत्र लिख अपना दुखडा रोया है। उन्हें पावर चाहिए। प्रिंसिपलों की नियुक्ति का अधिकार चाहिए। साहब कह रहे हैं की वो पॉवरलेस हैं। हालांकी लोग उन पर अपनी पॉवर का बेजा इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाते रहे हैं। उनके कई फैसलों की सीवीसी जांच हो रही है। वैसे जनरल साहब से यह पूछा जाना चाहिए की वे तब क्यों चिंतित नहीं हुए जब नारी निकेतन में एक मंदबुद़धि लडकी के साथ बलात्कार हुआ। बढ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए आपने क्यों केंद्र को पत्र नहीं लिखे। शहर की सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स में अधिकारियों और जवानों की संख्या बढाने के प्रस्ताव को जब केंद्र ने लगभग खारिज कर दिया तब भी साहब को पत्र लिखने की सुध नहीं आई। अब अपनी पॉवर बढाने के लिए पत्र लिख कर जता रहे हैं की जैसे शहर की इन्हें बहुत चिंता है। जनरल साहब कभी कभी समय निकाल कर जनता की चिंता भी कर लिया करो।